चिकित्सा संसार पत्रिका, उज्जैन में DR.A.K SHARMA बारे में निम्न जानकारियां प्रकाशित की गई थी : विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदिक शोधकर्ता एवं डायबिटीज मुक्तिदाता के रुप में पहचाने जाने वाले डॉः ए.के.शर्मा, जिन्हें International Seminar on Ayurveda & Marma Chikitsa, Kolkata में माननीय केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल जी ने National Researcher of Ayurveda के खिताब से नवाजा था और जिन्हें डायबिटीज पर विशेष शोध हेतु ६ठे अखिल भारतीय चिकित्सा सम्मान समारोह, उज्जैन में मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री माननीय श्री पारस जैन जी, विशिष्ट अतिथि डॉ दिनेश उपाध्याय जी, सेन्ट्रल बोर्ड मेंबर – केन्द्रीय आयुष मंत्रालय, नई दिल्ली, डॉः आयशा अली, रजिस्ट्रार – होमियोपैथी कौंसिल, मध्यप्रदेश, श्री अशोक खण्डेलवाल – अध्यक्ष, चिकित्सा संसार परमार्थ ट्रस्ट, डॉः श्रीरामतीर्थ शर्मा – केन्द्रीय मंत्री, विश्व आयुर्वेद परिषद एवं राष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेद के विद्वान शिक्षकों एवं चिकित्सकों के द्वारा राष्ट्रीय-स्तर के परम प्रतिष्ठित सम्मान “अवन्तिका धन्वन्तरि सेवा सम्मान” से सम्मानित किया गया था, जिनकी हर्बल इंसुलिन का प्रथम क्लिनिकल ट्रायल राजकीय आयुर्वेदिक कालेज एवं हास्पिटल, पटना में केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री माननीय श्री अश्विनी चौबे जी की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ था (जिनके कई शोधों के क्लिनिकल ट्रायल्स में BHU, Varanasi., Modern Medical Science Colleges – PMCH, Patna., NMCH, Patna., राजकीय आयुर्वेदिक कालेज एवं हॉस्पिटल, पटना., ऋषिकुल स्टेट आयुर्वेदिक पी.जी. कालेज एवं हॉस्पिटल, हरिद्वार., गुरुकुल स्टेट आयुर्वेदिक कालेज एवं हॉस्पिटल, हरिद्वार., पतंजलि आयुर्वेदिक कालेज, हरिद्वार, आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बिया कॉलेज, नई दिल्ली शान्ति कुंज, हरिद्वार, गुरुनानक आयुर्वेदिक कालेज, मुक्तसर, पंजाब आदि विख्यात चिकित्सा संस्थानों के विद्वान प्रोफेसर्स ने अपना उल्लेखनीय योगदान दिया था) ने डायबिटीज के मौलिक कारणों एवं इसके सफल उपचार पर विश्व को एक नयी थ्योरी दी : The Indian Theory for the Radical Cure of Diabetes और संपूर्ण चिकित्सा जगत को बताया कि डायबिटीज मधुमेह नहीं है, रक्तमधु है और इसे इसी आधार पर उपचारित करके ठीक किया जा सकता है। उत्तराखण्ड राज्य की आयुर्वेद विभाग की डायरेक्टर श्रीमती डॉः पूजा भारद्वाज, ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य सह अधीक्षक डॉः प्रदीप कुमार, डॉः संजय सिंह, डॉः सती, महिला एवं प्रसूति विभागाध्यक्ष डॉः कल्पना शर्मा , डॉः अरुण त्रिपाठी – वर्तमान डॉयरेक्टर – राज्य आयुर्वेद विभाग, उत्तराखंड, पतंजलि आयुर्वेदिक काॅलेज के प्राचार्य डॉः डी. एन. शर्मा, गुरुकुल आयुर्वेदिक कालेज के डॉः गुप्ता, पटना मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, पटना की तत्कालीन विभागाध्यक्षा डॉः शान्ति राय, पैथोलॉजी-विभागाध्यक्ष डॉः आर.वी.एन.सिन्हा, डॉः राज कुमारी आदि, बी एच यू के प्रसिद्ध शल्य चिकित्सा-विभागाध्यक्ष एवं Liv-52, tablets के रिसर्चर डॉः जी सी प्रसाद, विश्व प्रसिद्ध डायबिटीज विशेषज्ञ डॉः जे. के. ओझा, बी एच यू के विभागाध्यक्ष डॉः एस. के. तिवारी, पटना आयुर्वेदिक काॅलेज एवं हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डाॅः डी.एन.सिंह, प्रो. डॉः यु. एस. चतुर्वेदी आदि, पूर्वी भारत के सुप्रसिद्ध डायबेटोलाॅजिस्ट, कलकत्ता के डॉः ए.के.जैन, झारखंड के प्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉः कमलेश कुमार, विश्व प्रसिद्ध सैकड़ों आयुर्वेदिक ग्रन्थों के लेखक एवं अनुवादक डाॅः सिद्धि नाथ मिश्रा जी आदि अनेक चर्चित नाम है जो इनकी विभिन्न औषधियों के रिसर्च और परिणामों के साक्षी हैं । इनके कुछ उल्लेखनीय रिसर्च हैं- (1) हेवन ड्राप – विश्व में सर्व प्रथम अनुसंधानित, पुरुषों के लिए 100% सफल आयुर्वेदिक गर्भनिरोधक जेली। (2) एक घण्टे में ही प्रभाव दिखाने वाला रिलाइट कैप्सूल ( एनर्जी एवं ताक़त का तुरन्त एहसास )। (3) गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं के लिए एनिम-ऍफ़ कैप्सूल (अमृत सत्व, लोह भस्म, मंडूर भस्म, मोती पुष्टी आदि)। (4) ल्यूकोरिया के लिए- ल्युकोरेन्ड कैप्सूल- प्रथम दिन से प्रभावी। (5) जोड़ों के दर्द में तुरन्त एवं स्थायी प्रभावकारी ड्यूुमाश-CH लिनिमेंट – 5 मिनटों में दर्द निवारक प्रथम आयुर्वेदिक तेल जो 15 मेडिकल कॉलेजों के डाक्टरों द्वारा क्लिनिकली टेस्टेड एन्ड रिकाॅमेन्डेड। (6) कैन्सर रोगियों के लिए दवा – For cancer cachexia, cancer’s unbearable pain & cancer tumor (7) दीर्घावधि (100 वर्ष) तक स्वस्थ जीवन जीने के लिए , ताक़त एवं जवानी के एहसास के साथ – सहस्त्र अमृतं औषध (8) बवासीर के लिए ड्रेकुस-3 आदि। प्रसिद्ध दवा निर्माता कंपनी ALKEM एवं अन्य लोग इनसे कई दवाओं के फार्मूलों को खरीदने के लिए हमेशा सम्पर्क बनाते रहते हैं। डायबिटीज पर विशेष 15-20 वर्षों तक अनुसंधान। आपकी महत्वपूर्ण चिंता तेजी से बढ़ती डायबिटीज एवं उसके दुष्प्रभाव रहे हैं । यदि यह बीमारी इसी तरह बढ़ती रही तो हमारा देश आलसी, ओज-हीन, तेज-हीन नपुसंको का देश बन जायेगा। इस हेतु आपने सन् 2002 में डायबेट कैप्सूल का अनुसंधान एवं निर्माण किया, जिसे आयुर्वेद के विद्वानों ने काफी सराहा एवं प्रिसक्राइब किया। यह सप्त धातुओं का शोधन और त्रिदोषों (वात,पित्त एवं कफ) को साम्य कर रोग का शमन करती है और अब 14 नवम्बर को जब सारा विश्व डायबिटीज दिवस मनाएगा तब ये डायबिटीज के कारणों की नई परिभाषा प्रस्तुत करेंगे और उसके सम्पूर्ण निदान हेतु 100 दिनों का एक कोर्स प्रस्तुत करने जा रहे है जिसमे 4 तरह की औषधियां है । सम्पूर्ण पैक का नाम DIABET-RAM5 जिसमें 4 औषधियां शामिल होंगी – (1) Diebat Capsules (2) Draksha-RMA Liquid (3) EuSugar Powder (4) Kshaudra-M1000, ये सम्पूर्ण पैक Diabetes /रक्त मधु को मात्र 100 दिन में ठीक कर देगा। डॉ शर्मा ने अपनी औषधियों का पेटेंट डॉ शर्मा रिसर्च लेब के नाम से कराया है

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